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Apollo Micro Systems Q2 Update: शानदार ग्रोथ और नई साझेदारियाँ

Apollo Micro Systems Q2 Update: रक्षा क्षेत्र में कंपनी की बड़ी छलांग जब कोई नाम रक्षा तकनीक की दुनिया में तेजी से सुनने को मिलता है, तो हम सबकी जिज्ञासा बढ़ जाती है। Apollo Micro Systems (AMS) ने अपने Q2 update में एक जबरदस्त उपस्थिति दर्ज करवाई है। इस अपडेट में न सिर्फ कंपनियों की…

Apollo micro systems q2 update

Apollo Micro Systems Q2 Update: रक्षा क्षेत्र में कंपनी की बड़ी छलांग

जब कोई नाम रक्षा तकनीक की दुनिया में तेजी से सुनने को मिलता है, तो हम सबकी जिज्ञासा बढ़ जाती है। Apollo Micro Systems (AMS) ने अपने Q2 update में एक जबरदस्त उपस्थिति दर्ज करवाई है। इस अपडेट में न सिर्फ कंपनियों की वृद्धि दर दिख रही है, बल्कि उन नीतियों और साझेदारियों की भी झलक है जो भविष्य की दिशा तय करेंगी।

 

Apollo Micro Systems Q2 Update में राजस्व में 40% की शानदार वृद्धि

सबसे पहले आंकड़ों पर नज़र डालते हैं। कंपनी ने Q2 में अपने standalone संचालन राजस्व (Revenue) को ₹225.26 करोड़ तक पहुँचाया। यह पिछले वर्ष इसी तिमाही में ₹160.70 करोड़ की तुलना में लगभग 40.18 % की वृद्धि दर्शाता है।
इसके अलावा, यह आंकड़ा पहली तिमाही की तुलना में भी बढ़ा है, जिससे यह स्पष्ट है कि कंपनी की गति स्थिर रूप से आगे बढ़ रही है।

यह विकास सिर्फ संख्याओं में नहीं, बल्कि एक विश्वास की तस्वीर भी है — कि कंपनी नयी चुनौतियों और अवसरों पर तेजी से काम कर रही है।

 

 

लाभ में मजबूती और परिचालन दक्षता में सुधार

केवल राजस्व वृद्धि ही काफी नहीं; कंपनी ने संचालन में भी बेहतर परिणाम दिखाए हैं। Q1 में, Apollo Micro Systems ने संघीकृत शुद्ध मुनाफा (net profit) लगभग दोगुना कर दिया था—₹17.68 करोड़ से लेकर पिछले वर्ष के ₹8.42 करोड़ के मुकाबले।

ये आंकड़े बताती हैं कि Apollo Micro Systems ने ऑपरेशन लागत को नियंत्रण में रखा है और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया है। ऐसे में मुनाफे का बढ़ना स्वाभाविक है।

 

Apollo Micro Systems Q2 Update में नई रणनीतिक साझेदारियाँ

Apollo Micro Systems New MOUs

कंपनी ने सिर्फ राजस्व पर ही भरोसा नहीं किया, बल्कि अपने क्षेत्रीय विस्तार पर भी ध्यान दिया है। Apollo Micro Systems ने Sibersentinel Technologies और Zoom Technologies के साथ MOU साइन किए हैं। इन साझेदारियों का मकसद है सरकार और बुनियादी संरचनाओं के लिए उन्नत साइबर सुरक्षा समाधान विकसित करना।

इसके अतिरिक्त, इसकी सहायक कंपनी Apollo Strategic Technologies Pvt Ltd (ASTPL) ने USA की Dynamic Engineering & Design Inc. के साथ मिलकर BM-21 Grad ER रॉकेट मोटर्स के सह विकास पर काम करने का फैसला किया है।

 

Apollo Micro Systems TOT

और भी एक बड़ा कदम: Apollo Micro Systems को DRDO के NASM-SR मिसाइल वारहेड्स की टेक्नोलॉजी ट्रांसफर समझौता मिला है। साथ ही, उसे Multi-Influence Ground Mine “Vighana” की उत्पादन एजेंसी बनने की मंज़ूरी भी मिल गई है।

ये साझेदारियाँ न सिर्फ उसकी तकनीकी क्षमता को मजबूत करती हैं बल्कि “Make in India” अभियान को भी आगे बढ़ाती हैं।

 

शेयर बाजार में Apollo Micro Systems का शानदार प्रदर्शन

जब कंपनी के आंकड़े जबरदस्त हों, तो बाजार प्रतिक्रिया भी इसी अनुरूप होती है। Apollo Micro Systems share ने अप्रैल से अब तक खुद को लगभग 200% ऊपर ले लिया है।
2025 की शुरुआत से लेकर अब तक शेयरों का रिटर्न लगभग 175% तक पहुंच गया है।

हालाँकि, Q2 business update के बाद शेयरों में कुछ गिरावट भी देखने को मिली।
ऐसा इसलिए हो सकता है कि बाज़ार ने पहले से ही बहुत उम्मीदें लगा ली थीं और कुछ जानकारी पहले ही शेयरों में समाई हो।

 

apollo micro systems share price

 

Apollo Micro Systems में वृद्धि संभावनाएँ

कंपनी ने हाल ही में new orders के साथ ~₹25.12 करोड़ के ऑर्डर भी हासिल किए हैं।

DRDO, Defense PSUs और रक्षा विभाग से मिलने वाले ऑर्डर्स वृद्धि का बड़ा स्रोत बन सकते हैं।

टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, विदेशी साझेदारियाँ और आत्मनिर्भर टेक्नोलॉजी विकास Apollo Micro Systems को भविष्य में और पकड़ सकते हैं।

 

Apollo Micro Systems Q2 Update के बीच चुनौतियाँ और संभावित जोखिम

बेशक, अच्छे समाचारों के बीच चुनौतियाँ भी हैं –

Apollo Micro Systems आज़ादी और रक्षा क्षेत्र में काम करती है, जहाँ प्रतिद्वंद्विता तीव्र है। तकनीकी रूप से उन्नत रक्षा प्रणालियों के विकास में समय-सीमा, लागत नियंत्रण, और गुणवत्ता सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती होती है।

इसके अलावा, बाहरी साझेदारियों पर निर्भरता (विशेषकर विदेशी तकनीकी सहयोगियों पर) लंबे समय में एक संवेदनशील बिंदु हो सकती है।
इसके साथ ही, यदि सरकारी नीतियाँ बदलें या रक्षा बजट कम हो, तो इसका सीधा असर कंपनी पर पड़ेगा।

पब्लिक डेटा बताती है कि कंपनी का P/E (price to earnings) बहुत ऊँचा है — कुछ जगहों पर ~156 तक रिपोर्ट किया गया है। इस हिसाब से फिलहाल इसका valuation काफी महंगा है।

शेयर की मूल्य-मापदंडों पर नज़र डालें: Apollo Micro Systems का P/B (Price to Book) भी काफी अधिक है।

Apollo micro systems के promoter holding फिलहाल 50.6% है जिसमें से लगभग 38.6% की holdings pledged है।

 

निष्कर्ष — Apollo Micro Systems Q2 Update से मिली प्रेरणा

Apollo Micro Systems का Q2 update हमें एक प्रेरणादायक कहानी सुनाता है — जिसमें विकास, सामरिक साझेदारियाँ और साहसिक कदम शामिल हैं।
लेकिन यह कहानी सिर्फ बढ़ती संख्याओं की नहीं है; यह भरोसे, रणनीति और दूरदर्शिता की कहानी है।

 

क्यों Apollo Micro Systems share पर नज़र रखना ज़रूरी है?

यदि आप निवेशक हैं या प्रौद्योगिकी और रक्षा से जुड़ी कंपनियों में रुची रखते हैं, तो Apollo Micro Systems की यात्रा निश्चित रूप से देखने योग्य है।
हालाँकि, जैसे हर कहानी में उतार-चढ़ाव होते हैं, वैसे ही इस कंपनी को भी ध्यानपूर्वक विश्लेषण और सतर्कता से देखना चाहिए।

 

Disclaimer: ये article केवल informational purpose के लिए है। Stock market में निवेश जोखिम भरा हो सकता है।  अपना financial decision लेने से पहले उचित research करें या financial advisor से सलाह लें।

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