Aequs IPO — क्या यह 2025 का सबसे दिलचस्प मैन्युफैक्चरिंग IPO हो सकता है?
उद्योग जगत में पिछले कुछ वर्षों में एक दिलचस्प बदलाव देखा गया है—भारत तेजी से एक manufacturing hub बनता जा रहा है। इसी बदलाव के बीच Aequs IPO आने वाला है, और इसे लेकर बाज़ार में खासा उत्साह है।
Aequs कोई overnight बनी कंपनी नहीं है। Aerospace और precision engineering में यह पिछले एक दशक से quietly लेकिन लगातार अपनी मजबूत पहचान बना रही है। कर्नाटक में बना Aequs Aerospace SEZ—जो भारत का पहला private aerospace SEZ है—कंपनी के बढ़ते प्रभाव की बड़ी वजह है।
कई investors Aequs IPO को सिर्फ listing gain के लिए नहीं, बल्कि उसके business foundation के कारण देख रहे हैं। आइए इसे थोड़ा सरल और इंसानी अंदाज़ में समझते हैं।
Aequs आखिर करती क्या है? (सीधी भाषा में)
अगर एक लाइन में कहें—Aequs वो components बनाती है जिन्हें विमान, कारें, और बड़े औद्योगिक उपकरण बिना इस्तेमाल किए पूरा नहीं हो सकते।
इनमें शामिल हैं:
- Aircraft के precision parts
- Automotive systems components
- Consumer durable products के plastic और molded parts
कंपनी Boeing और Airbus जैसे global नामों के साथ काम करती है—ये बात अपने आप में उसकी credibility बताती है। Aequs business model काफी grounded है—“manufacturing + engineering + global supply chain integration” का एक संयोजन, जो अब भारतीय कंपनियों में आम नहीं मिलता।
Aequs IPO Details: मूल जानकारी
सबसे पहले अगर हम Aequs IPO Size की बात करें तो यह ₹921.81 करोड़ का है जिसमें लगभग 70% यानि कि ₹670.00 करोड़ का fresh issue है और लगभग 30% यानि कि ₹251.81 करोड़ का OFS (Offer for sale) है।
| Aequs IPO Details | |
|---|---|
| IPO Date | December 3, 2025 to December 5, 2025 |
| Listing Date | [.] |
| Face Value | ₹10 per share |
| Issue Price Band | ₹118 to ₹124 per share |
| Lot Size | 120 Shares |
| Sale Type | Fresh Capital-cum-Offer for Sale |
| Total Issue Size | 7,43,39,651 shares (aggregating up to ₹921.81 Cr) |
| Fresh Issue | 5,40,32,258 shares (aggregating up to ₹670.00 Cr) |
| Offer for Sale | 2,03,07,393 shares of ₹10 (aggregating up to ₹251.81 Cr) |
| Employee Discount | ₹11.00 |
| Issue Type | Bookbuilding IPO |
| Listing At | BSE, NSE |
| Share Holding Pre Issue | 61,66,17,677 shares |
| Share Holding Post Issue | 67,06,49,935 shares |
Aequs IPO Timeline
| IPO Open Date | Wed, Dec 3, 2025 |
| IPO Close Date | Fri, Dec 5, 2025 |
| Tentative Allotment | Mon, Dec 8, 2025 |
| Initiation of Refunds | Tue, Dec 9, 2025 |
| Credit of Shares to Demat | Tue, Dec 9, 2025 |
| Tentative Listing Date | Wed, Dec 10, 2025 |
| Cut-off time for UPI mandate confirmation | 5 PM on Fri, Dec 5, 2025 |
Aequs IPO Reservation
- QIBs; 75%
- NIIs; 15%
- Retail; 10%
Aequs IPO Lot Size
| Application | Lots | Shares | Amount |
| Retail (Min) | 1 | 120 | ₹14,880 |
| Retail (Max) | 13 | 1,560 | ₹1,93,440 |
| S-HNI (Min) | 14 | 1,680 | ₹2,08,320 |
| S-HNI (Max) | 67 | 8,040 | ₹9,96,960 |
| B-HNI (Min) | 68 | 8,160 | ₹10,11,840 |
Aequs IPO GMP—Market का मूड क्या कह रहा है?
Aequs IPO GMP (Grey Market Premium) 30 नवंबर 2025 के अनुसार ₹34 पर है। अगर यही ट्रेंड बना रहता है तो Aequs IPO Listingपर 17% के आस-पास का प्रीमियम मिल सकता है।
> ⚠️ लेकिन याद रखें—GMP कोई गारंटी नहीं, सिर्फ एक सेंटिमेंट इंडिकेटर होता है।
जो investor इस सेक्टर को closely follow करते हैं, वे कह रहे हैं कि aerospace outsourcing अगले दशक का बड़ा theme बनने वाला है—और इसी वजह से Aequs IPO में interest बन रहा है।
Aequs IPO Financials —क्या numbers support करते हैं?
| Period Ended | 30 Sep 2025 | 31 Mar 2025 | 30 Sep 2024 | 31 Mar 2024 | 31 Mar 2023 |
|---|---|---|---|---|---|
| Assets | 2,134.35 | 1,859.84 | 1,863.50 | 1,822.98 | 1,321.69 |
| Total Income | 565.55 | 959.21 | 475.51 | 988.30 | 840.54 |
| Profit After Tax | -16.98 | -102.35 | -71.70 | -14.24 | -109.50 |
| EBITDA | 84.11 | 107.97 | 57.82 | 145.51 | 63.06 |
| NET Worth | 796.04 | 707.53 | 731.65 | 807.17 | 251.91 |
| Reserves and Surplus | 200.43 | 135.09 | -90.83 | -15.31 | -146.15 |
| Total Borrowing | 533.51 | 437.06 | 384.79 | 291.88 | 346.14 |
Amount in ₹ Crore
Aequs IPO KPI
| KPI | Values |
| ROE | -14.30 |
| ROCE | 0.87 |
| Debt/Equity | 0.99 |
| RoNW | -14.47 |
| PAT Margin | -11.07% |
| EBITDA Margin | 11.68% |
| Price to Book Value | 9.94 |
| Market Capitalization | ₹8,316.06 Cr. |
Aequs IPO की सबसे बड़ी ताकतें (An Analyst’s POV)
🟦 1. एक मजबूत ecosystem—Aerospace SEZ: एक ही जगह machining, forging, surface treatment, assembly—सभी सुविधाएँ। ये setup भारत में rare है।
🟦 2. बड़े global clients: Airbus जैसी कंपनियों के साथ काम करना manufacturing में एक बड़ा trust signal है।
🟦 3. Diversified sector presence: Aerospace में slowdown हो भी जाए तो automotive और industrial segments support करते हैं।
🟦 4. India manufacturing story का फायदा Make in India, defence manufacturing push, global outsourcing—तीनों trends इस कंपनी के पक्ष में हैं।
और Aequs IPO में जोखिम? बिल्कुल हैं—हर व्यवसाय में होते हैं
👉 Aerospace demand cyclical होती है: किसी भी global slowdown का सीधा असर orders पर पड़ सकता है।
👉 Capital-intensive business: इस तरह की manufacturing में machines और infra पर भारी निवेश चाहिए—cash flow pressure बना रहता है।
👉 Forex fluctuations: क्योंकि export business है, currency movements profit को प्रभावित कर सकते हैं।
👉 Total income: अस्थिर आय (Total Income): कंपनी की कुल आय में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
👉 Profitability की चुनौती: पिछले 3 सालों से लगातार कंपनी लॉस करते आई है और 2025 में तो लॉस और भी ज्यादा बढ़ी है। अभी भी कंपनी मुनाफा कमाने वाली नहीं बनी है।
Aequs IPO में अप्लाई करने से पहले जरूरी बातें
1. Aequs IPO DRHP पढ़ें: सबसे पहले कंपनी का Draft Red Herring Prospectus (DRHP) पढ़ें। इसे SEBI की वेबसाइट पर डाला हुआ है और यही आपकी सबसे बड़ी किताब होगी।
2. Aequs IPO Valuation पर नजर रखें: देखें कि कंपनी कि valuation आईपीओ प्राइस बैंड (IPO Price Band) के साथ है। क्या यह वैल्यूएशन कंपनी के ग्रोथ और फाइनेंशियल्स के हिसाब से उचित है?
3. लॉन्ग-टर्म विजन को समझें: यह न सोचें कि लिस्टिंग के दिन ही शेयर बेचकर मुनाफा कमा लेंगे। अगर आपको लगता है कि Aequs भारत के ई-कॉमर्स की कहानी का एक अहम हिस्सा बनने वाला है, तो ही लंबे समय के लिए निवेश करें।
4. Aequs IPO Financials: एकदम बारीकी से समझें।
5. सिर्फ “हाइप” देखकर enter न करें।
6. कोई भी निवेश से पहले अपने financial advisor से परामर्श जरूर लें।
तो क्या Aequs IPO में Apply करना चाहिए?
Straightforward answer:
अगर listing gain के लिए देख रहे हैं → GMP और subscription numbers को देखना ज़रूरी होगा।
अगर long-term investor हैं → यह India’s aerospace manufacturing story का हिस्सा बन सकता है।
अगर आप ऐसे businesses पसंद करते हैं जो slow-and-steady growth model पर चलते हैं—तो Aequs IPO आपकी watchlist में जरूर होना चाहिए।
⚫ दोस्तों इसके अलावा 2025 में ही और भी बड़े साइज के नए IPOs आने की तैयारी में हैं अगर आप वो IPOs के बारे में जानना चाहते हो तो आप हमारे “Upcoming IPO 2025” के पोस्ट पर visit करके जान सकते हो।
⚠️ Disclaimer:
सलाह: यह लेख सिर्फ सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

