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Muhurat Trading 2025: इस बार दोपहर में क्यों होगी ट्रेडिंग?

Muhurat Trading 2025: इस बार दोपहर में क्यों? दोस्तों, आज हम जानेंगे Muhurat Trading 2025 के बारे में। इस साल दिवाली पर शेयर बाजार का खास सत्र, मुहूर्त ट्रेडिंग, शाम के बजाय दोपहर में क्यों होगा? हर साल तो इसे शाम को ही आयोजित किया जाता था। चलिए, इस बार के बदलाव के पीछे की…

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Muhurat Trading 2025: इस बार दोपहर में क्यों?

दोस्तों, आज हम जानेंगे Muhurat Trading 2025 के बारे में। इस साल दिवाली पर शेयर बाजार का खास सत्र, मुहूर्त ट्रेडिंग, शाम के बजाय दोपहर में क्यों होगा? हर साल तो इसे शाम को ही आयोजित किया जाता था। चलिए, इस बार के बदलाव के पीछे की वजहों को समझते हैं और जानते हैं कि इसका निवेशकों और कर्मचारियों पर क्या असर होगा।

अब आपके मन में ये सवाल होगा की—हर साल की तरह इस बार भी Muhurat Trading शाम में क्यों नहीं हो रही है?

तो इस लेख में हम यह समझेंगे कि:

1. Muhurat Trading की टाइमिंग क्यों बदली है

2. Share Market में Muhurat Trading का महत्व

3. Muhurat Trading में क्या करें और क्या ना करें?

दीपावली और Muhurat Trading 2025 की तारीख

इस बार दीपावली का त्योहार 20 नवंबर को है। लेकिन इस दिन Muhurat Trading नहीं होगी।
20 नवंबर को मार्केट सामान्य समय के अनुसार खुलेगा। Muhurat Trading के लिए 21 अक्टूबर का दिन तय किया गया है।

 

Muhurat Trading 2025 का समय

हर साल Muhurat Trading शाम में होती थी। लेकिन इस बार टाइमिंग में बदलाव किया गया है।

Muhurat Trading 2025 का समय-सारणी (Schedule):

Pre-open session: 1:30 PM से 1:45 PM तक
Muhurat Trading session: 21 अक्टूबर, दोपहर 1:45 PM से 2:45 PM तक

अब सवाल उठता है कि इतने बड़े बदलाव के पीछे कारण क्या हैं।

 

Muhurat Trading 2025: टाइमिंग बदलने के कारण

1. ज्योतिषीय कारण

इस बार दीपावली का पर्व कार्तिक अमावस्या के दिन पड़ रही है, जो 20 अक्टूबर को दोपहर 3:44 बजे से शुरू होकर 21 अक्टूबर को शाम 5:54 बजे तक चलेगी।

अब चूंकि Muhurat Trading 21 अक्टूबरको होने वाली है तो 21 अक्टूबर को शुभ मुहुर्त शाम के 5:54 बजे तक हीं रहेगी इसीलिए Exchanges ने ये तय किया कि Muhurat Trading को दोपहर में ही रखा जाए।

2. Brokers की अपील

Brokers और कर्मचारियों ने लंबी समय से ये मांग की थी कि Muhurat Trading दोपहर में हो, ताकि वो शाम को अपने परिवार के साथ दिवाली मना सकें।

शाम को Trading होने पर बैक-ऑफिस का काम रात तक चलता था। अब समय बदलने से सबको आराम और सुविधा मिलेगी।
इसलिए कर्मचारियों की सुविधा के लिए भी दोपहर में ही Muhurat Trading तय की गई।

 

पहले भी हुआ था बदलाव:

दोस्तों Muhurat Trading के समय में यह बदलाव पहली बार नहीं हुआ है इससे पहले 2012 के समय में दोपहर 3:45 से 5:00 बजे के बीच हुई थी।
उस समय भी शुभ मुहुर्त के हिसाब से ही तय किया गया था ।

एक एक्सचेंज अधिकारी के अनुसार, “टाइमिंग तय करने से पहले सिर्फ ब्रोकर्स की सुविधा नहीं, बल्कि शुभ समय और सभी पार्टिसिपेंट्स की सहमति भी देखी जाती है। अगर भविष्य में सब सहमत हों तो दोपहर का समय स्थायी भी किया जा सकता है।”

 

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मुहूर्त ट्रेडिंग का महत्व

1. शुभ शुरुआत का प्रतीक:

इस दिन निवेशकों का मानना है कि निवेश से लाभ मिलेगा और यह नए साल की खुशियों की शुरुआत का संकेत देता है।

2. पारंपरिक और सांस्कृतिक मान्यता:

भारत में दिवाली के दिन नये खाते खोलने और नए निवेश करने की परंपरा रही है। Muhurat Trading इसी परंपरा का आधुनिक रूप है।

3. बाजार में सकारात्मक माहौल का निर्माण:

यह दिन निवेशकों और बाजार के बीच उत्साह और विश्वास पैदा करता है। छोटे या बड़े निवेशक सभी इसे एक नए अवसर के रूप में देखते हैं।

 

Muhurat Trading में निवेशक और NRI के लिए फायदे

1. शुभ समय में निवेश से लाभ की उम्मीद:

निवेशकों का मानना है कि इस दिन किए गए निवेश से लंबी अवधि में लाभ मिलने की संभावना बढ़ती है।

2. आसान और सुरक्षित लेन-देन:

बैंक और ब्रोकरेज हाउस इस दिन विशेष रूप से निवेशकों की मदद करते हैं।

3. विभिन्न शेयरों में निवेश के अवसर:

इस दिन सभी बड़े और प्रमुख शेयर उपलब्ध होते हैं, जिससे निवेशक अपनी पसंद के हिसाब से निवेश कर सकते हैं।

 

मुहूर्त ट्रेडिंग में क्या करें और क्या न करें

क्या करें:

  • अपने बजट के अनुसार निवेश करें।
  • दीर्घकालिक निवेश की योजना बनाएं।
  • अपने पोर्टफोलियो को संतुलित रखें।

क्या न करें:

  • अति उत्साह में बिना सोच समझे निवेश न करें।
  • केवल शुभ संकेत पर आधारित ट्रेडिंग न करें, बल्कि बाजार का विश्लेषण भी जरूर देखें।

 

Disclaimer: ये article केवल informational purpose के लिए है। Stock market में निवेश जोखिम भरा हो सकता है।  अपना financial decision लेने से पहले उचित research करें या financial advisor से सलाह लें।

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